Archive for November 30th, 2011
उसकी बड़ी-बड़ी बोलती आँखों के ये बड़े-बड़े बोलते आँसू | . मैंने सोचा कुछ हुआ हो कहीं ! उससे पूछा – “दुखी हो?” काँपती गीली आवाज़ में बोली - “नहीं, बिलकुल भी नहीं |” . मुझे विश्वास नहीं हुआ - करीब से उसके चेहरे को जांच-परख कर देखा, उसकी भीगी पलकों पर अपने होठों को रख [ READ MORE ]
एक कैमरे ने मुझे क़ैद करने की कोशिश की तो मैं मुसकुरा भर दिया, उसे क्या पता के मुझे तो न जाने कब से, उनकी नज़रों ने क़ैद कर रखा है...
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