साधना में खलल डालते शब्द


अनिर्वचनीय सत्य

बोलता निस्तब्ध;

साधना में खलल डालते शब्द ।

कविता क्या है –

कवि का मौन,

मौन की बोलने की विवशता ?

चित्र क्या हैं –

जीवन के धूसर-धुंधले खाके में

रंग भरने की

रंगसाज़ की कोशिश ?

संगीत क्या है –

संगीतकार की चुप्पी में

उसके ज़ेहन में बजती आवाजों का शोर

जिसे सुर-ताल में संजोने को

होता है वह बाध्य ?

क्या है कला –

कलाकार की साधना में

व्यवधान का लब्ध ?

साधना में खलल डालते

रंग, ध्वनि, शब्द ।

सत्य जो शान्ति में होता सुन्दर

व्यर्थ होता कलाकार का हस्तक्षेप,

अनावश्यक होती कला –

अनिर्वचनीय सत्य

बोलता निस्तब्ध;

व्यर्थ ही साधना में खलल डालते

रंग, ध्वनि, शब्द ।

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